मुख्य बिंदु

    
  • फ्लोटिंग रेट होम लोन चुनें, अगर -
    • आपको ब्याज दरों में गिरावट की उम्मीद हो
    • आप ब्याज दर में उतार-चढ़ावों के बारे में अनिश्चित हों
    • आप कम अवधि में अपनी ब्याज लागत पर कुछ बचत करना चाहते हों
  • फिक्स्ड रेट होम लोन चुनें, अगर -
    • आप उस EMI को लेकर कम्फर्टेबल हों जो आपको पे करनी है
    • आपको ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी की उम्मीद हो
    • अगर ब्याज दरें कम हो गई हों और आप उस दर को लॉक करना चाहते हों
  • अगर आप तय नहीं कर पा रहे हैं, तो कॉम्बिनेशन लोन चुनें जो कि थोड़ा फिक्स्ड और थोड़ा फ्लोटिंग होता है
  • आप एक मामूली फीस देकर फिक्स्ड और फ्लोटिंग रेट के बीच स्विच कर सकते हैं
    

घर खरीदते समय कई फैसले लेने पड़ते हैं, जिनका प्रभाव आपके जीवन पर कई वर्षों, या यहां तक ​​कि दशकों तक पड़ सकता है. सबसे पहले, यह फैसला करना होता है कि मकान किराए पर लेना है या खरीदना है. एक बार ’खरीदने’ के पक्ष में फैसला करने के बाद, अपने परिवार के लिए सही घर तय करना अगला फैसला होता है. और फिर 'फिक्स्ड या फ्लोटिंग ब्याज दर' वाले होम लोन का महत्त्वपूर्ण फैसला करना होता है. इस फैसले का आपके फाइनेंशियल्स पर प्रभाव पड़ता है और इसलिए, सावधानीपूर्वक विचार की आवश्यकता होती है. तो इन दोनों के बीच क्या अंतर है और कौन सा आपके लिए अधिक फायदेमंद है? खैर, यहां कुछ बिंदु दिए गए हैं जो आपको एक उचित फैसला लेने में मदद करेंगे.

Should you opt for a fixed rate or a floating rate home loan?फिक्स्ड रेट होम लोन और इसके फायदों के बारे में

एक फिक्स्ड रेट वाले लोन में, ब्याज दर होम लोन लेने के समय फिक्स की जाती है. एक नियमित फिक्स्ड रेट प्रोडक्ट के अलावा जिसमें लोन की पूरी टर्म में ब्याज की दर स्थिर रहती है, अनेक ऐसे वेरिएंट उपलब्ध हैं जो आपको 2, 3 या 10 वर्षों की निर्धारित अवधि के लिए अपनी ब्याज दर फिक्स करने की सुविधा देते हैं और इसके साथ लेंडर को किसी भी समय रीसेट करने का अधिकार होता है.

फिक्स्ड रेट होम लोन का विकल्प चुनने पर आपको निश्चितता का एहसास होता है क्योंकि आपको लोन लेने के समय से पता होता है कि आपके रीपेमेंट क्या होंगे, जिससे आपको सही बजट बनाने और अपने फाइनेंस प्लॉन करने का भरोसा मिलता है. इस तरह से, यह आपकी लोन अवधि, EMI प्रतिबद्धता और कुल ब्याज आउटफ्लो का अनुमान लगाने का एक उचित उपाय है.

फिक्स्ड रेट लोन की कीमत आमतौर पर फ्लोटिंग रेट लोन से थोड़ी अधिक होती है. अगर अंतर काफी बड़ा है, तो आप फ्लोटिंग रेट लोन पर विचार कर सकते हैं. लेकिन अगर वे लगभग बराबर हैं या अगर अंतर न के बराबर है, तो आप अपनी स्थिति और जरूरतों का आकलन करके यह तय कर सकते हैं कि आपके लिए फिक्स्ड रेट लोन या फ्लोटिंग रेट लोन में से क्या चुनना ठीक रहेगा.

आपको निम्न परिस्थितियों में फिक्स्ड रेट होम लोन का विकल्प चुनना चाहिए:

  • आप उस EMI को लेकर कम्फर्टेबल हों जो आपको पे करनी है. यह आपकी टेक-होम मंथली इन्कम के 25-30% से अधिक नहीं होनी चाहिए.
  • आपको भविष्य में ब्याज दरों के बढ़ने का अनुमान हो, और इसलिए अपने होम लोन को मौजूदा दर पर लॉक करना चाहते हों.
  • अगर हाल ही में ब्याज दरों में कमी आई हो और आप ब्याज दरों के मौजूदा स्तर को लेकर कम्फर्टेबल हों, तो फिक्स्ड रेट लोन के साथ इस दर पर लॉक करें. उदाहरण के लिए, अगर होम लोन की ब्याज दर कुछ साल पहले 10% थी और माना कि अब यह गिरकर 8.5% हो गई है और आप इस दर को लेकर मानसिक और आर्थिक रूप से सहज हैं, तो आप फिक्स्ड रेट पर लोन ले सकते हैं.
Should you opt for a fixed rate or a floating rate home loan?

Should you opt for a fixed rate or a floating rate home loan?फ्लोटिंग रेट होम लोन और इसके फायदे

इसे 'एडजस्टेबल रेट होम लोन’ के रूप में भी जाना जाता है, ये लोन लेंडर की बेंचमार्क रेट से जुड़े होते हैं, जो बाजार की ब्याज दर के साथ घटती-बढ़ती है. अगर बेंचमार्क रेट में बदलाव होता है, तो लोन पर ब्याज दर भी आनुपातिक रूप से बदल जाती है.

ऐसे लोन पर ब्याज दर निर्धारित अवधि के बाद रीसेट की जाती है. यह अवधि कैलेंडर के हिसाब से किसी फाइनेंशियल वर्ष की प्रत्येक तिमाही या छमाही हो सकती है या फिर होम लोन के पहले डिस्बर्समेंट की तिथि के आधार पर हर कस्टमर के लिए अलग-अलग भी हो सकती है. वैकल्पिक रूप से, इस रीसेट को आपकी लोन एनिवर्सरी के हिसाब से भी तय किया जा सकता है. फाइनेंशियल संस्थान आमतौर पर ब्याज दर रीसेट साइकिल में बदलाव करने का अधिकार अपने पास सुरक्षित रखते हैं. अगर समीक्षा अवधि के दौरान मार्केट दरों में कोई बदलाव होता है, तो आपकी दरें भी रीसेट करके बढ़ाई या घटाई जा सकती हैं. ब्याज दर रीसेट के ऐसे मामलों में, आमतौर पर लोन की अवधि को परिवर्तित ब्याज दर के अनुसार फिर से समायोजित किया जाता है. अगर ब्याज की दर बढ़ती है, तो आपकी बची हुई लोन की अवधि बढ़ जाएगी, और ब्याज दर घटने पर लोन की अवधि कम हो जाएगी. आपकी EMI में बार-बार होने वाले बदलावों से बचने के लिए ऐसा किया जाता है ताकि आपका कैश-फ्लो प्रभावित ना हो. लेकिन अगर आप चाहें, तो आप अपने लेंडर से लोन की अवधि के बजाय अपनी EMI को संशोधित करने का अनुरोध कर सकते हैं.

आपको निम्नलिखित परिस्थितियों में फ्लोटिंग रेट होम लोन का विकल्प चुनना चाहिए:

  • अगर आप आमतौर से समय के साथ ब्याज दरों के गिरने की उम्मीद कर रहे हों, तो फ्लोटिंग रेट लोन का चुनाव करने से ऐसे मामले में आपके लोन पर लागू ब्याज दर भी घट जाएगी, जिससे आपके लोन की कास्ट कम हो जाएगी.
  • फ्लोटिंग रेट लोन उन लोगों के लिए ठीक है जो ब्याज दर में उतार-चढ़ाव को लेकर अनिश्चित हैं और बाजार दरों के साथ रहना ठीक समझते हैं.
  • अगर आप निकटतम अवधि में अपनी ब्याज लागत पर कुछ बचत करना चाहते हों, तो चूंकि फ्लोटिंग रेट लोन की दर आमतौर पर फिक्स्ड रेट लोन की तुलना में मामूली रूप से कम होती है, इस से आपको अपने लोन की कीमत में कुछ लाभ मिलता है.

Should you opt for a fixed rate or a floating rate home loan?अगर आप अभी भी तय नहीं कर सकते

अगर आप अभी भी समझ नहीं पा रहे हैं कि किस प्रकार का हाउसिंग लोन आपके लिए ठीक रहेगा, तो आप कॉम्बिनेशन लोन चुनें जो थोड़ा फिक्स्ड और थोड़ा फ्लोटिंग होता है. यह आपके लिए विशेष रूप से सही रहेगा अगर आप वर्तमान में कोई अन्य लोन रीपेमेंट कर रहे हैं और आपके कैश फ्लो शुरूआती 3-5 वर्षों के लिए आपके लोन ऑब्लिगेशंस पूरे करने के लिए प्लान्ड हैं, तो इस टर्म के दौरान, आप फिक्स्ड रेट का विकल्प चुन सकते हैं. इस फेज के बाद, आप हाउसिंग लोन की शेष टर्म के लिए फ्लोटिंग विकल्प चुन सकते हैं.

भविष्य की होम लोन दरों का अनुमान लगाना आमतौर से मुश्किल होता है. ऐसा हो सकता है कि हाउसिंग लोन की ब्याज दरें आपकी उम्मीदों से विपरीत हों, जिससे आपके पास प्रतिकूल ब्याज दर का विकल्प ही बचेगा. लेकिन आपको हाउसिंग लोन के मामले में लिए गए गलत फैसले के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है. याद रखें, आपके लिए फिक्स्ड रेट और फ्लोटिंग रेट हाउसिंग लोन के बीच स्विच करने का विकल्प हमेशा खुला रहता है; आमतौर पर इस सुविधा के लिए लेंडर मामूली फीस लेते हैं.

अंत में, यह कोई नहीं कह सकता कि एक प्रकार का लोन दूसरे की तुलना में बेहतर है; फिक्स्ड विकल्प या फ्लोटिंग होम लोन ब्याज दर विकल्प चुनना आपकी ज़रूरतों, प्राथमिकताओं और फाइनेंशियल प्रोफ़ाइल पर निर्भर होता है. अपने लिए सर्वोत्तम विकल्प चुनने के लिए आपको ऊपर बताई बातों पर विचार करना चाहिए. हालांकि आपके लोन विकल्प का घर की अंतिम लागत पर स्पष्ट प्रभाव पड़ता है, लेकिन आपको अपनी परिस्थितियों के अनुसार होम लोन पर ब्याज के तरीके बदलने की सुविधा मिलती है.

Should you opt for a fixed rate or a floating rate home loan?क्या आप जानते हैं?

  • फ्लोटिंग रेट लोन लोकप्रिय हैं क्योंकि वे कस्टमर को लचीलापन प्रदान करते हैं.
  • अगर आप भविष्य में ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी को लेकर निश्चित हों और मौजूदा दर पर अपने लोन को लॉक करना चाहते हों, तो फिक्स्ड रेट लोन का चयन करें.
  • अपनी लोन अवधि के दौरान कभी भी आप एक मामूली फीस देकर अपने फिक्स्ड रेट लोन को फ्लोटिंग रेट लोन में, और इसके उल्ट भी, बदल सकते हैं.
  • फ्लोटिंग रेट लोन में कोई प्रीपेमेंट पेनल्टी नहीं होती है.
  • फिक्स्ड, फ्लोटिंग या कॉम्बिनेशन लोन में से किसी एक का चुनाव आपकी निजी परिस्थितियों, ज़रूरतों, और ब्याज दरों के उतार-चढ़ाव को लेकर आपके नज़रिए पर निर्भर करता है.

Should you opt for a fixed rate or a floating rate home loan?फिक्स्ड बनाम फ्लोटिंग ब्याज दर

फिक्स्ड फ्लोटिंग
आपके होम लोन पर ब्याज दर पूरी लोन अवधि के दौरान फिक्स्ड रहती है. लेंडर के बेंचमार्क रेट में होने वाले परिवर्तन के अनुसार, आपके होम लोन की ब्याज दर में परिवर्तन होता है.
फिक्स्ड दरें, फ्लोटिंग दरों से थोड़ी अधिक होती हैं. फ़्लोटिंग दरें, फिक्स्ड दरों से थोड़ी कम रहती हैं.
अगर आप मौजूदा ब्याज दरों को लेकर कम्फर्टेबल हैं, इसे लेकर आश्वस्त हैं कि भविष्य में ब्याज दरें बढ़ेंगी, तो आप फिक्स्ड रेट होम लोन चुन सकते हैं. अगर आप ब्याज दरों के उतार-चढ़ाव को लेकर अनिश्चित हैं, तो फ्लोटिंग रेट होम लोन का विकल्प चुनें.
फिक्स्ड रेट होम लोन्ज़ के मामले में प्रीपेमेंट पेनल्टी लगती है. फ्लोटिंग रेट होम लोन्ज़ के मामले में प्रीपेमेंट पेनल्टी नहीं लगती है.

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