मुख्य बिंदु

    
  • जब आप होम लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो लेंडर ध्यान रखता है –
    • लोन की पात्रता निर्धारित करने के लिए आपकी आय और लोन के रीपेमेंट की क्षमता
    • अन्य कारक जैसे आपकी उम्र, रिटायरमेंट आयु, वित्तीय स्थिति, क्रेडिट हिस्ट्री, क्रेडिट स्कोर
  • आपकी उधार लेने की क्षमता बढ़ाएं –
    • परिवार के किसी कमाने वाले सदस्य को को-एप्लीकेंट के रूप में जोड़कर.
    • संंरचित रीपेमेंट प्लान का लाभ लेकर.
    • इनकम का स्थाई माध्यम, नियमित बचत और निवेश सुनिश्चित करके.
    • अपनी नियमित अतिरिक्त इनकम का विवरण देकर.
    • आपकी वेरिएबल सैलरी के विवरण का रिकॉर्ड रखकर.
    • अपने क्रेडिट स्कोर में त्रुटियों (अगर कोई हो, तो) को सुधारने के लिए कार्रवाई करके.
    • चल रहे और कम अवधि वाले लोन का रीपेमेंट करके.
    

क्या आपने कभी सोचा है कि होम लोन एप्लीकेशन अप्रूव करने से पहले लेंडर किन पैरामीटर पर विचार करते हैं?? यह कैसे तय होता है कि लोन एप्लीकेंट लोन पर डिफ़ॉल्ट नहीं करेगा?? अपने सवालों के जवाब पाने के लिए पढ़ें.

जब बात हाउसिंग लोन लेने की हो, तो प्रत्येक एप्लीकेंट की लोन पात्रता अलग होती है जिसे कई कारक तय करते हैं.

Understanding Home Loan eligibilityपात्रता की शर्तें

1. वर्तमान उम्र और शेष कार्य वर्ष: 

होम लोन की पात्रता तय करने में एप्लीकेंट की उम्र एक बड़ी भूमिका निभाती है. लोन की अधिकतम अवधि आमतौर पर 30 वर्ष या रिटायरमेंट की उम्र तक सीमित होती है, अतः एक युवा व्यक्ति अधिक अवधि के लिए लोन ले सकते हैं; अधिक उम्र वालों के लिए लोन की अवधि अपेक्षाकृत कम होगी. साथ ही, युवा व्यक्ति के पास अधिक लंबा कामकाजी जीवन है अतः अधिक उम्र वालों की तुलना में वह बेहतर लोन अवधि पा सकेगा.

2.फाइनेंशियल स्थिति: 

आप लोन नियमित रूप से चुका पाएं यह सुनिश्चित करने के लिए, आपकी वर्तमान और भावी इनकम का लोन राशि के निर्धारण पर उल्लेखनीय असर होगा इनकम की मात्रा के साथ-साथ इनकम की स्थिरता और गुणवत्ता पर भी विचार किया जाता है.

3. पिछला और वर्तमान क्रेडिट इतिहास और क्रेडिट स्कोर: 

रीपेमेंट का साफ-सुथरा रिकॉर्ड, आपके लोन एप्लीकेशन की साख बढ़ाएगा. इसके अतिरिक्त, अच्छे क्रेडिट स्कोर से यह भी संकेत मिलता है कि आपके चूक करने की संभावना न्यूनतम होगी होम लोन लेंडर के लिए यह एक अच्छी बात है.

4. अन्य फाइनेंशियल देनदारियां: 

होम लोन लेंडर आपकी मौजूदा देनदारियों जैसे कार लोन, क्रेडिट कार्ड लोन आदि को भी आंकेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आप अतिरिक्त लोन से बढ़ने वाले बोझ को सह सकेंगे.

5. पर्सनल प्रोफाइल: 

आपकी संपूर्ण व्यक्तिगत प्रोफाइल, जैसे पृष्ठभूमि, शैक्षिक योग्यताएं आदि भी लोन के अप्रूवल में भूमिका निभाती है.

6.चाही गई प्रॉपर्टी की विशेषताएं: 

होम लोन लेंडर के कुछ विनिर्देश (स्पेसिफिकेशन) हो सकते हैं जिनका पालन चाही गई प्रॉपर्टी द्वारा किया जाना जरूरी होता है, जैसे प्रॉपर्टी की उम्र, उसका आकार, आदि. यदि वह इनका पालन नहीं करती है, तो लोन एप्लीकेशन नामंजूर हो जाएगी.

7. किसी मौजूदा लोन का गारंटीकर्ता: 

यदि आप किसी लोन के मौजूदा गारंटीकर्ता हैं, तो लेंडर उसे एक ऐसा लोन मानेगा जो आपने लिया हुआ है, और लोन पात्रता तय करते समय उसे शामिल करेगा. साथ ही, बॉरोअर द्वारा भुगतान में चूक (डिफॉल्ट) किए जाने के मामले में, इससे आपकी क्रेडिट योग्यता पर सीधा हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है.

ऊपर बताए गए कारकों को एक साथ लेकर उन पर विचार करके होम लोन लेंडर लोन की अवधि/लोन के नियम और रीपेमेंट शेड्यूल तय करते हैं.

Understanding Home Loan eligibility

Understanding Home Loan eligibilityफॉर्मुला समझें

होम लोन लेंडर के पास आपकी जानकारी आ जाने के बाद वह आपकी पात्रता की गणना के लिए कुछ अनुपातों की गणना करता है.

किस्त से इनकम का अनुपात

लेंडर के लिए यह अनुपात इनकम का वह प्रतिशत दर्शाता है जिसे लोन रीपेमेंट के लिए अलग रखा जा सकता है, इस धारणा के तहत कि आपकी लगभग आधी इनकम, आपके नियमित खर्चों को पूरा करने में जाएगी.

निश्चित देनदारी से आय का अनुपात 

यहां, लेंडर आपके द्वारा अप्लाई किए गए होम लोन के अतिरिक्त आपके द्वारा पहले से लिए जा चुके और अभी-भी बकाया अन्य सभी लोन की किस्तों पर विचार करता है.

लोन लागत अनुपात 

इस अनुपात से तय होता है कि आपके अपने फंड से फाइनेंस की जा रही राशि की तुलना में लेंडर द्वारा प्रॉपर्टी की कीमत के कितने हिस्से को फाइनेंस किया जा रहा है. यह अनुपात यह बताने का एक तरीका है कि प्रॉपर्टी में आपका कितना हिस्सा है.

Understanding Home Loan eligibilityआप अपनी होम लोन पात्रता कैसे बढ़ा सकते हैं?

होम लोन पात्रता मुख्य रूप से आपकी इनकम और रीपेमेंट क्षमता पर निर्भर होती है. आपकी पात्रता बढ़ाने के कुछ सुझाव इस प्रकार हैं.

  • अपने किसी सगे, कमाऊ परिजन, जैसे अपने जीवनसाथी, को लोन के को-एप्लीकेंट के रूप में जोड़ें.
  • लेंडर से कोई व्यवस्थित रीपेमेंट प्लान चुनने की संभावनाएं तलाशें.
  • सुनिश्चित करें कि आपके पास इनकम का अपरिवर्ती प्रवाह, नियमित बचत और निवेश हों.
  • अपने नियमित अतिरिक्त इनकम स्रोतों, जैसे आपकी किसी अन्य प्रॉपर्टी के किराये से होने वाली इनकम, रोजगार के अतिरिक्त किसी बिजनेस से होने वाली इनकम आदि के विवरण प्रदान करें.
  • अपने परिवर्तनशील वेतन घटकों, जैसे परफॉर्मेंस बोनस, कमीशन, ओवरटाइम आदि का रिकॉर्ड रखें.
  • अपना क्रेडिट स्कोर जानें और (यदि कोई) त्रुटि हो तो उसे ठीक करने या अपने स्कोर को सुधारने के कदम उठाएं.
  • जारी लोन और कम समय के लोन चुकाएं.

लोन एप्लीकेशन प्रोसेस को आसान और फलदायी बनाने के लिए, कई लेंडर आपको विभिन्न प्रकार के कैलकुलेटर से अपनी लोन पात्रता ऑनलाइन जांचने की सुविधा देते हैं. जब आपको इन कैलकुलेटर के उपयोग से अपनी पात्रता और EMI राशि का अनुमान मिल जाए, तो आप अपने मनपसंद लेंडर के पास होम लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं.

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