होम लोन पात्रता कैलकुलेटर

होम लोन की पात्रता आपकी मासिक आय, वर्तमान आयु, क्रेडिट स्कोर, निश्चित मासिक फाइनेंशियल दायित्वों, क्रेडिट हिस्ट्री, रिटायरमेंट की आयु आदि जैसे कारकों पर निर्भर करती है. एच डी एफ सी होम लोन पात्रता कैलकुलेटर का उपयोग करके अपने लोन के बारे में सभी विवरण जानकर चैन की सांस लें

होम लोन पात्रता कैलकुलेट करें

₹.
10,000 ₹. 1 Cr
1 30
0 15
₹.
₹. 0 ₹. 1 Cr

आपकी होम लोन की पात्रता

₹.

अधिक फंडिंग खोज रहे हैं/ कुछ मदद चाहिए?

हमसे चैट करें

आपकी होम लोन की EMI होगी

₹. /मासिक

यह कैलकुलेटर केवल जनरल सेल्फ-हेल्प प्लानिंग टूल के रूप में प्रदान किए गए हैं. परिणाम आपके द्वारा प्रदान किए गए अनुमान के साथ-साथ अन्य कारकों पर निर्भर करते हैं. हम उनकी सटीकता, या आपकी परिस्थितियों के अनुसार उनकी उपयुक्तता की गारंटी नहीं देते हैं.
NRI को निवल इनकम दर्ज करनी चाहिए.

होम लोन पात्रता की गणना कैसे की जाती है?

हाउसिंग लोन की पात्रता मुख्य रूप से व्यक्ति की इनकम और रीपेमेंट क्षमता पर निर्भर करती है. होम लोन की पात्रता निर्धारित करने में अन्य कारक जैसे आयु, फाइनेंशियल स्थिति, क्रेडिट विवरण, क्रेडिट स्कोर, अन्य फाइनेंशियल दायित्वों आदि भी शामिल हो सकते हैं.

होम लोन पात्रता मानदंड

  1. वर्तमान आयु और शेष कार्य वर्ष: होम लोन पात्रता निर्धारित करने में आवेदक की आयु एक प्रमुख भूमिका निभाती है. आमतौर पर अधिकतम लोन अवधि 30 वर्षों की अधिकतम सीमा तक निर्धारित की जाती है.
  2. वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए आयु सीमा: 21 से 65 वर्ष .
  3. स्व-व्यवसायी व्यक्तियों के लिए आयु सीमा: 21 से 65 वर्ष.
  4. न्यूनतम सैलरी: ₹10,000 प्रति माह.
  5. न्यूनतम बिज़नेस इनकम: ₹2 लाख प्रति वर्ष.
  6. अधिकतम लोन अवधि: 30 वर्ष.
  7. फाइनेंशियल स्थिति: लोन राशि का निर्धारण करते समय एप्लीकेंट की वर्तमान और भविष्य की इनकम का बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ता है.
  8. पिछला और वर्तमान क्रेडिट विवरण और क्रेडिट स्कोर: सही रीपेमेंट रिकॉर्ड हमेशा अच्छा माना जाता है.
  9. अन्य फाइनेंशियल दायित्व: मौजूदा दायित्व जैसे कि कार लोन, क्रेडिट कार्ड लोन, आदि.

होम लोन की पात्रता को कैसे बढ़ाया जा सकता है?

होम लोन की पात्रता को इस प्रकार बढ़ाया जा सकता है

  • परिवार के किसी कमाने वाले सदस्य को को-एप्लीकेंट के रूप में जोड़कर.
  • संंरचित रीपेमेंट प्लान का लाभ लेकर.
  • इनकम का स्थाई माध्यम, नियमित बचत और निवेश सुनिश्चित करके.
  • अपनी नियमित अतिरिक्त इनकम का विवरण देकर.
  • आपकी वेरिएबल सैलरी के विवरण का रिकॉर्ड रखकर.
  • अपने क्रेडिट स्कोर में त्रुटियों (अगर कोई हो, तो) को सुधारने के लिए कार्रवाई करके.
  • चल रहे और कम अवधि वाले लोन का रीपेमेंट करके

एच डी एफ सी पात्रता कैलकुलेटर का उपयोग कैसे करें?

एच डी एफ सी का पात्रता कैलकुलेटर, हाउसिंग लोन के लिए ऑनलाइन पात्रता जांचने की सुविधा देता है.

  • सकल आय (मासिक) ₹ में: मासिक सकल आय दर्ज करें. एनआरआई को शुद्ध आय दर्ज करना चाहिए.
  • लोन अवधि (वर्षों में): जिस अवधि के लिए आप लोन लेना चाहते हैं उसे भरें. लंबी अवधि आपकी लोन की पात्रता को बढ़ाने में मदद करती है.
  • ब्याज दर (% प्रति वर्ष): एच डी एफ सी की प्रचलित हाउसिंग लोन की ब्याज दर भरें. प्रचलित ब्याज दर जानने के लिए यहां क्लिक करें
  • अन्य EMI (मासिक): आपके पास चल रहे दूसरे लोन की EMI यहां भर सकते हैं

होम लोन के लिए अप्लाई करें और अपनी होम लोन पात्रता की गणना करें

कैलकुलेटर का उपयोग करके अपनी पात्रता और EMI राशि पता कर लेने के बाद आप एच डी एफ सी के ऑनलाइन होम लोन द्वारा, अपने सुविधानुसार जगह से होम लोन के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं.

एच डी एफ सी का होम लोन ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए, क्लिक करें

अगर आप हमसे संपर्क करना चाहते हैं, तो कृपया अपना विवरण हमें दें. एच डी एफ सी आपके अपने घर का सपना देखने से पहले ही प्री-अप्रूव्ड होम लोन की सुविधा प्रदान करता है.

यह कैलकुलेटर केवल जनरल सेल्फ-हेल्प प्लानिंग टूल के रूप में प्रदान किए गए हैं. परिणाम आपके द्वारा प्रदान किए गए अनुमान के साथ-साथ अन्य कारकों पर निर्भर करते हैं. हम उनकी सटीकता, या आपकी परिस्थितियों के अनुसार उनकी उपयुक्तता की गारंटी नहीं देते हैं.

आपके होम लोन की पात्रता को निर्धारित करने वाले कारक क्या हैं?

  • अगर आप लोन के लिए अप्लाई करते हैं, तो आपकी योग्यता आपकी इनकम और रीपेमेंट क्षमता पर निर्भर करेगी.
  • आपके होम लोन की पात्रता का निर्धारण करने वाले कुछ अन्य कारक भी होते हैं:
    • आपकी आयु, फाइनेंशियल स्थिति, क्रेडिट विवरण, क्रेडिट स्कोर, अन्य फाइनेंशियल दायित्व आदि.

होम लोन की पात्रता कैसे बेहतर बनाएं?

  • आप अपने होम लोन की अपनी पात्रता में वृद्धि कर सकते हैं:
    • परिवार के किसी कमाने वाले सदस्य को को-एप्लीकेंट के रूप में जोड़कर.
    • संंरचित रीपेमेंट प्लान का लाभ लेकर.
    • इनकम का स्थाई माध्यम, नियमित बचत और निवेश सुनिश्चित करके.
    • अपनी नियमित अतिरिक्त इनकम का विवरण देकर.
    • आपकी वेरिएबल सैलरी के विवरण का रिकॉर्ड रखकर.
    • अपने क्रेडिट स्कोर में त्रुटियों (अगर कोई हो, तो) को सुधारने के लिए कार्रवाई करके.
    • चल रहे और कम अवधि वाले लोन का रीपेमेंट करके.

चैट शुरू करें!